खुद को परेशानी के समय में शांत कैसे रखें

 

खुद को परेशानी के समय में शांत कैसे रखें

11 September 2022|motivation blog- https://mabmotivation.com/

How to remain calm in difficult situation in hindi



खुद को परेशानी के समय में शांत कैसे रखें हम सभी ने अपने जीवन में कभी ना कभी मुश्किल समय से गुजरे होंगे या गुजर रहे होंगे | मगर हम में से अधिकतर लोग मुश्किल समय मैं बहुत ज्यादा अच्छी तरीके से नहीं झेल पाते जब भी मुश्किल समय आता है तो हम बहुत दुखी हो जाते हैं या बहुत गुस्सा करने लगते हैं, बहुत चिड़चिड़ हो जाते हैं ज्यादा परेशान रहने लगते हैं | उसके बारे में ज्यादा सोचने लगते हैं और अपने को दूसरों से अलग कर लेते हैं और फिर अकेलेपन के शिकार हो जाते हैं| तो आखिर कैसे हम खुद को मुश्किल समय में शांत रखें अपने अंदर करुणा की भावना लाएं और कैसे खुद को यह समझाएं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा | यह समय भी बीत जाएगा | आज का विषय आखिर खुद को कैसे मुश्किल समय में भी शांत रखें और खुश रहें| क्या तरीके हैं खुद को शांत रखने की चलिए बात करते हैं |


सबसे पहले आपको जानना होगा परेशानी क्या है, क्यों है और कैसे शुरू हुई तो आपको उस पर गौर करना है | कभी-कभी हम उस बात पर चिंता करने लगते हैं जो चिंता के लायक ही नहीं होती |आप सोचो कि आप पर आपका बॉस चिल्ला रहा है बहुत ज्यादा उस गलती के लिए जो शायद आपने की भी नहीं और शायद आपने की भी हैं | अब आप उसको उल्टा जवाब तो दे नहीं सकते तो आप उसकी बात सुनते  हो और चिंता करने लगते हो और उसकी बातों को बार-बार सोचते हो और यह करते हुए आप खुद को बहुत गलत मानने लगते हो लेकिन कुछ टाइम बाद जब यह घटना दोबारा घटती है | जब आपका बॉस दोबारा आपको किसी बात को लेकर सुनाता है और आप सुन के छोड़ देते हो अब एक चीज देखो दोनों समय में क्या अंतर था जब आपको पहली बार डाटा गया आपने बहुत सोचा उस बारे में और बेमतलब में चिंता भी की और काफी परेशान भी हुए लेकिन जब आपके साथ दुबारा यह घटना हुई तो आप इतने परेशान नहीं हुए आपने इस बात पर ज्यादा गौर नहीं फरमाया और खुद को शांत रखा क्योंकि आपको पता था कि इस पर ज्यादा चिंता करने से कुछ नहीं मिलने वाला सिर्फ आपको परेशानी का सामना करना पड़ेगा| सबसे पहले हमें अपने आप को शांत रखना है हर परिस्थिति में किसी बात को इतना भी नहीं सोचना कि आपको वह बात परेशान करने लगे| क्योंकि कोई भी बात हमेशा के लिए नहीं होती और दोस्तों यही हकीकत है हमें यह बात जान लेनी चाहिए कि कुछ भी हमेशा के लिए नहीं होता इसलिए मुश्किल समय में अपने दिल और दिमाग को यह समझाओ कि जो होना था हो गया हम उसे बदल नहीं सकते फिर खामखा में चिंता क्यों करनी वैसे भी कहते हैं ना चिंता चिता समान होती है | हमें चिंता करनी चाहिए लेकिन सिर्फ 5 मिनट उसके बाद चिंता नहीं करनी चाहिए| आपके साथ जो हो रहा है वह हमेशा नहीं रहने वाला लेकिन अगर आप उस बात पर चिंता करने लगोगे सोचोगे तो आप इससे depression और anxiety का शिकार हो जाओगे और फिर आपको ज्यादा सोचने की बीमारी हो जाएगी | आप छोटी-छोटी बातों को बहुत ज्यादा सोचोगे | तो सबसे पहले किसी भी चिंता को इतना नहीं सोचना है कि वह चिंता हम को बीमार कर दें, मानसिक रूप से और शारीरिक रूप से भी क्योंकि जो होना है वह होकर रहेगा उसको हम बदल नहीं सकते और जो हो चुका है उसके बारे में सोचने से कोई फायदा नहीं है| 


  हमेशा मुश्किल समय में ठंडे दिमाग से काम ले जितना हो सके खुद को शांत रखें अगर गुस्से में हैं तो आप अपने को शांत करने के लिए लंबी गहरी सांस लें और गुस्से पर नियंत्रण पाने का प्रयास करें | चाणक्य कहते हैं कभी भी किसी समस्या का हल गुस्से में मत निकाले या कोई फैसला गुस्से में मत क्योकी गुस्से में लिया हुआ फैसला निशित ही गलत ही साबित होगा और आपके लिए नुकसानदेह होगा | तो आपको समस्या पर नहीं उसके हाल पर ध्यान देना है अधिकतर लोग यही गलती करते हैं समस्या को लेकर दिन रात पड़े रहते हैं कि मेरी यह समस्या है वह समस्या है इसका कोई निवारण ही नहीं है| उनका सारा ध्यान सिर्फ समस्या पर होता है वह जितना चिंतन समस्या पर करते हैं अगर वह उसका आधा चिंतन भी उसके हाल पर कर ले तो निश्चित ही उसका हल निकाल लेंगे| मैंने अपनी पिछले ब्लॉग सात बातें जो हमें सीखनी चाहिए द मैजिक ऑफ थिंकिंग बिग किताब से इसके 7ve  पॉइंट में मैंने बताया था कि हमें अपने अवचेतन मस्तिष्क यानी सबकॉन्शियस माइंड को ट्रेन करना चाहिए| अगर आप सीखना चाहते हैं कि कैसे आप अपने अवचेतन मस्तिष्क को यानि सबकॉन्शियस माइंड को ट्रेन करें तो आप जाकर मेरा पिछला ब्लॉक जरूर पढ़ें उसका लिंक यह है  | इसमें मैंने बताया था कि कैसे हम अपने सबकॉन्शियस माइंड को कंट्रोल करके इस दुनिया में जो पाना चाहते हैं उस चीज को हासिल कर सकते हैं | कैसे हम अपने सबकॉन्शियस माइंड को कंट्रोल कर के किसी भी समस्या का हल निकाल सकते हैं| हम कुछ भी कर सकते हैं अगर हम अपने सबकॉन्शियस माइंड को एक बार कंट्रोल कर ले उसके अंदर एक बार यह चीज डाल दें कि मुझे इस समस्या का हल चाहिए तो मैं आपको निश्चित ही गारंटी देता हूं | कि आपको उस समस्या का हल जरूर मिलेगा तो आपको समस्या पर नहीं समस्या के हल पर ध्यान देना है और अपने आप को शांत रखने के लिए अपने सबकॉन्शियस माइंड को कंट्रोल करने की कोशिश करें| 


 हम कभी-कभी अपनी छोटी सी समस्या को इतना बड़ा बना लेते हैं कि हम सोचने लगते हैं कि मेरी समस्या का तो अंत ही नहीं है| मेरी समस्या कभी खत्म नहीं हो सकती और यही हम अपने आपको समस्या में फस कर रह जाते हैं और जिस समस्या का हल हम कुछ दिनों में निकाल सकते थे| लेकिन हम नहीं निकाल पाते क्योंकि हमने यह मान लिया होता है कि मेरी समस्या हमेशा रहेगी | इस का कभी अंत नहीं हो सकता दोस्तों मैं एक बात आपको बता दूं कि इस धरती पर ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जिसका हल ना हो ऐसा कोई भी वस्तु नहीं है जिसका अंत ना हो ऐसी कोई भी इंसान नहीं हुआ जो पैदा हुआ है तो मरेगा नहीं | वैसे ही अगर कोई समस्या की शुरुआत हुई है तो उसका अंत भी भगवान उसी दिन लिख देते हैं जिस दिन वह समस्या शूरुवात होती हैं तो सबसे पहले हमें यह जान लेना चाहिए कि कोई भी समस्या हमारे साथ जीवन भर नहीं रहने वाली| हम कुछ टाइम तो बेशक उसमें फंसे रहे लेकिन एक ना एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब उस समस्या का हल आपको मिलेगा लेकिन अगर आप उस समस्या का हल ढूंढने में दिन-रात लग जाएंगे तो आप अवश्य ही उस समस्या का हल जल्द ही ढूंढ लेंगे और फिर अब बाद में सोचेंगे कि मैं खामखा एक छोटी सी परेशानी के लिए इतने टाइम से परेशान था | तो हमें एक बात यही जानी है कि कोई भी समस्या हमेशा के लिए हमारे साथ नहीं रहने वाली तो आप समस्या के हल पर ध्यान दें खुद को शांत रखें क्योंकि गुस्सा चिड़चिड़ापन और लोगों से खुद को दूर कर लेने से आप समस्या से दूर नहीं जा रहे बल्कि खुद को अकेलेपन के भंवर में फंसा रहे हैं | अकेलेपन के साए में बसते चले जा रहे हैं और अकेलापन हमें depression और anxiety का शिकार बना देता है | हम मानसिक रोगी बन जाते हैं हम छोटी-छोटी बात पर ही गुस्सा करने लगते हैं, हम अपनों से दूर होते चले जाते हैं तो हमें यह जान लेना चाहिए कि कोई भी समस्या ऐसी नहीं है जिसका अंत नहीं है | अगर समस्या बनी है तो उसका अंत भी जरूर होगा तो हमेशा हल पर ध्यान दें समस्या पर नहीं | समस्या जो है उसे छोड़ें खुद को खुश रखें अपने दिमाग को शांत रखें और जो बंदा मुश्किल समय में पॉजिटिव रहता है इसके ऊपर भी मैंने एक ब्लॉग लिखा है जिस्का विषय है जो हम सोचते हैं वही हम  पाते हैं है ''सोच की शक्ति'' इसको आप जरूर पढ़े क्लिक करे और आप सीधा ब्लॉग पर पोहच जाएंगे | जो इंसान खुद को मुश्किल समय में नेगेटिव नहीं होने देता वही सच्चा योद्धा होता है |  इसलिए हमेशा पॉजिटिव सोचे ही, अच्छा सोचे क्योंकि अच्छे सोच की शक्ति आपको बहुत दूर ले जा सकती हैं लेकिन अगर आप नेगेटिव सोचेंगे तो आप नेगेटिव बनते चले जाएंगे| अच्छे समय में हर कोई पॉजिटिव रहता है लेकिन कामयाब इंसान की पहचान मुश्किल समय में ही होती है कि कैसे वह मुश्किल समय प्रसन्न होता है | तो आपको मुश्किल समय में लड़ना है उससे हारना नहीं है खुद को उस में फसाना नहीं है बल्की उसका सामना करना है और उस को हराना है| 

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